Upsarg aur Pratyay (उपसर्ग और प्रत्यय)
Prefixes and Suffixes in Hindi Word Formation
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Overview
उपसर्ग (Upsarg) और प्रत्यय (Pratyay) हिंदी व्याकरण में शब्द-रचना के दो मूलभूत साधन हैं। ये मूल शब्द (मूलशब्द या धातु) के पहले या बाद में जुड़कर नए शब्द बनाते हैं और अर्थ में परिवर्तन लाते हैं। MP TET में यह विषय Language I (Hindi) के व्याकरण खंड में नियमित रूप से पूछा जाता है।
परीक्षा में सामान्यतः उपसर्ग-प्रत्यय की पहचान, मूल शब्द खोजना, नए शब्द बनाना और संस्कृत/हिंदी/उर्दू उपसर्गों में अंतर जैसे प्रश्न आते हैं। इस विषय की स्पष्ट समझ से न केवल व्याकरण के प्रश्न हल होते हैं, बल्कि पठन-बोधन में शब्दार्थ समझने में भी सहायता मिलती है।
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Key Concepts
• **उपसर्ग (Prefix)**: वे शब्दांश जो मूल शब्द के **आरंभ में** जुड़कर नया शब्द बनाते हैं। उदाहरण: "अ + न्याय = अन्याय"
• **प्रत्यय (Suffix)**: वे शब्दांश जो मूल शब्द के **अंत में** जुड़कर नया शब्द बनाते हैं। उदाहरण: "मीठा + आस = मिठास"
• **उपसर्ग के प्रकार**: हिंदी में तीन प्रकार के उपसर्ग प्रचलित हैं — संस्कृत उपसर्ग, हिंदी उपसर्ग और विदेशी (उर्दू/अरबी-फारसी/अंग्रेजी) उपसर्ग।
• **प्रत्यय के प्रकार**: दो मुख्य भेद हैं — कृत् प्रत्यय (धातु में जुड़ते हैं, क्रिया से संज्ञा/विशेषण बनाते हैं) और तद्धित प्रत्यय (संज्ञा/विशेषण/सर्वनाम में जुड़ते हैं)।
• **अर्थ परिवर्तन**: उपसर्ग जुड़ने से अर्थ विपरीत, तीव्र, न्यून या भिन्न हो सकता है। प्रत्यय जुड़ने से शब्द का वर्ग (संज्ञा → विशेषण) या भाव बदल सकता है।
• **मूल शब्द की पहचान**: परीक्षा में दिए गए शब्द से उपसर्ग/प्रत्यय अलग करके मूल शब्द निकालना एक सामान्य प्रश्न-प्रारूप है।
• **एक शब्द में एकाधिक**: कभी-कभी एक शब्द में उपसर्ग और प्रत्यय दोनों होते हैं। उदाहरण: "अभिमानी" = अभि (उपसर्ग) + मान + ई (प्रत्यय)
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Key Facts / Must-Remember Lists
### प्रमुख संस्कृत उपसर्ग (22 मान्य)
| उपसर्ग | अर्थ | उदाहरण | |--------|------|--------| | अ/अन् | निषेध/अभाव | अधर्म, अनपढ़ | | अति | अधिक | अत्याचार, अतिशय | | अधि | ऊपर/श्रेष्ठ | अधिकार, अध्यक्ष | | अनु | पीछे/समान | अनुसार, अनुभव | | अप | बुरा/हीन | अपमान, अपयश | | अभि | सामने/विशेष | अभिनय, अभिमान | | आ | तक/ओर | आजन्म, आमरण | | उप | समीप/गौण | उपदेश, उपनाम | | दुर्/दुस् | बुरा/कठिन | दुर्गम, दुष्कर्म | | नि | भीतर/निश्चित | निवास, नियम | | निर्/निस् | बिना/बाहर | निर्दोष, निस्संदेह | | परा | उलटा/पीछे | पराजय, पराभव | | परि | चारों ओर | परिवार, परिणाम | | प्र | आगे/अधिक | प्रगति, प्रचार | | प्रति | विरुद्ध/हर | प्रतिदिन, प्रतिकूल | | वि | विशेष/बिना | विदेश, विकार | | सम्/सं | साथ/अच्छा | संगठन, समाचार | | सु | अच्छा/सुंदर | सुपुत्र, सुगम | | कु | बुरा | कुपुत्र, कुमार्ग |
### प्रमुख हिंदी उपसर्ग
| उपसर्ग | अर्थ | उदाहरण | |--------|------|--------| | अध | आधा | अधपका, अधमरा | | उन | एक कम | उनतीस, उनसठ | | भर | पूरा | भरपेट, भरपूर | | दु | दो/बुरा | दुबला, दुगुना | | औ | हीन | औगुण, औसर | | बिन | बिना | बिनब्याहा | | स | साथ | सपूत, सफल |
### प्रमुख उर्दू/विदेशी उपसर्ग
| उपसर्ग | अर्थ | उदाहरण | |--------|------|--------| | ला | बिना | लापता, लाचार | | बद | बुरा | बदनाम, बदमाश | | बे | बिना | बेकार, बेवफा | | ना | नहीं | नालायक, नापसंद | | हम | साथ | हमदर्द, हमउम्र | | गैर | विरुद्ध | गैरहाजिर | | सर | मुख्य | सरकार, सरदार |
### प्रमुख कृत् प्रत्यय (धातु + प्रत्यय)
| प्रत्यय | उदाहरण | |---------|--------| | अक | लेखक, पाठक, गायक | | अन | पठन, लेखन, वंदन | | आई | लड़ाई, पढ़ाई, सिलाई | | आवा | बुलावा, दिखावा | | इया | रसिया, घटिया | | ऐया/वैया | गवैया, खिवैया | | आऊ | बिकाऊ, टिकाऊ |
### प्रमुख तद्धित प्रत्यय (संज्ञा/विशेषण + प्रत्यय)
| प्रत्यय | बनने वाला शब्द-प्रकार | उदाहरण | |---------|----------------------|--------| | ता | भाववाचक संज्ञा | मानवता, सुंदरता | | पन | भाववाचक संज्ञा | बचपन, लड़कपन | | ई | भाववाचक/स्त्रीलिंग | गरीबी, चोरी | | आस | भाववाचक संज्ञा | मिठास, खटास | | इक | संबंधवाचक विशेषण | धार्मिक, सामाजिक | | इत | कर्म से युक्त | फलित, पोषित | | वान/मान | गुणवाचक | धनवान, बुद्धिमान | | ईला | गुणवाचक | रंगीला, रसीला |
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Worked Examples
### उदाहरण 1: उपसर्ग पहचानना **प्रश्न**: "अनुशासन" में उपसर्ग और मूल शब्द बताइए।
**हल**:
- दिया गया शब्द: अनुशासन
- मूल शब्द: शासन (शासित करना)
- उपसर्ग: "अनु" (अर्थ: पीछे/अनुसार)
- अनु + शासन = अनुशासन (नियमों का पालन)
### उदाहरण 2: प्रत्यय से नया शब्द **प्रश्न**: "मीठा" शब्द में "आस" प्रत्यय लगाकर भाववाचक संज्ञा बनाइए।
**हल**:
- मूल शब्द: मीठा (विशेषण)
- प्रत्यय: आस
- स्वर संधि/परिवर्तन: मीठा → मिठ + आस = **मिठास**
- "मिठास" भाववाचक संज्ञा है।
### उदाहरण 3: उपसर्ग + प्रत्यय दोनों **प्रश्न**: "प्रतिदिनी" शब्द का विश्लेषण कीजिए।
**हल**:
- उपसर्ग: "प्रति" (प्रत्येक/हर)
- मूल शब्द: दिन
- प्रत्यय: "ई" (संबंधवाचक)
- प्रति + दिन + ई = प्रतिदिनी (प्रतिदिन का)
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Common Mistakes
❌ **उपसर्ग और प्रत्यय को उलटा समझना** → ✅ उपसर्ग हमेशा **पहले** (prefix), प्रत्यय हमेशा **बाद में** (suffix)। याद रखें: "उप-सर्ग" = "ऊपर जोड़ना" (आरंभ में)।
❌ **संधि को उपसर्ग समझ लेना** → ✅ संधि में दो स्वतंत्र शब्द मिलते हैं (हिम + आलय = हिमालय)। उपसर्ग स्वतंत्र शब्द नहीं होता, केवल शब्दांश है।
❌ **कृत् और तद्धित प्रत्यय में भ्रम** → ✅ कृत् प्रत्यय **धातु/क्रिया** से जुड़ते हैं (पढ़ + आई = पढ़ाई)। तद्धित प्रत्यय **संज्ञा/विशेषण** से जुड़ते हैं (सुंदर + ता = सुंदरता)।
❌ **"अ" और "अन्" उपसर्ग का गलत प्रयोग** → ✅ व्यंजन से पहले "अ" (अ + धर्म = अधर्म), स्वर से पहले "अन्" (अन् + उचित = अनुचित)।
❌ **विदेशी उपसर्गों को संस्कृत मानना** → ✅ "बे", "ला", "बद", "ना" उर्दू/फारसी उपसर्ग हैं, संस्कृत नहीं।
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Quick Reference
📌 **उपसर्ग = शब्द के आरंभ में | प्रत्यय = शब्द के अंत में**
📌 **संस्कृत के 22 प्रमुख उपसर्ग याद करें — अ, अति, अधि, अनु, अप, अभि, आ, उप...**
📌 **कृत् प्रत्यय → धातु से | तद्धित प्रत्यय → संज्ञा/विशेषण से**
📌 **"ता", "पन", "आस", "ई" = भाववाचक संज्ञा बनाने वाले प्रत्यय**
📌 **उर्दू उपसर्ग: बे, ला, बद, ना, गैर, हम — निषेध/अभाव का अर्थ**
📌 **एक शब्द में उपसर्ग + मूल + प्र