DSSSB TGT · Section A — Hindi Language
Hindi Gadyansh
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Take a full mock →Q1 · Hindi Gadyansh · EASY
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए: शिक्षा मनुष्य के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करती है। यह केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नैतिक मूल्यों, संस्कारों और सामाजिक जिम्मेदारियों की समझ भी शामिल है। शिक्षा व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाती है और समाज में उसकी सार्थक भूमिका निर्धारित करती है। एक शिक्षित व्यक्ति न केवल अपना बल्कि समाज का भी उत्थान करता है। गद्यांश के अनुसार शिक्षा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
Q2 · Hindi Gadyansh · EASY
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए: भारतीय संस्कृति में अतिथि को देवता के समान माना गया है। 'अतिथि देवो भव:' की परंपरा यहाँ सदियों से चली आ रही है। अतिथि सत्कार भारतीय समाज की विशेषता रही है। प्राचीन काल में गृहस्थ अपने घर आए अतिथि का स्वागत पूरे मन से करते थे और उसकी सेवा को अपना धर्म समझते थे। आज के आधुनिक युग में यह परंपरा कुछ कमजोर अवश्य हुई है, लेकिन भारतीय मन में अतिथि के प्रति सम्मान आज भी विद्यमान है। गद्यांश के अनुसार 'अतिथि देवो भव:' का क्या अर्थ है?
Q3 · Hindi Gadyansh · MEDIUM
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए: समय जीवन की सबसे बहुमूल्य संपत्ति है। जो व्यक्ति समय का सदुपयोग करता है, वह जीवन में सफलता प्राप्त करता है। समय का दुरुपयोग करने वाला व्यक्ति पछतावा ही हाथ लगता है। विद्यार्थी जीवन में समय के महत्व को समझना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि यही वह समय है जब भविष्य की नींव रखी जाती है। जो छात्र अपना समय व्यर्थ के कार्यों में नष्ट करते हैं, वे बाद में जीवन में पिछड़ जाते हैं। इसलिए प्रत्येक क्षण का सदुपयोग करना चाहिए। गद्यांश के अनुसार विद्यार्थी जीवन में समय के महत्व को समझना क्यों आवश्यक है?
Q4 · Hindi Gadyansh · MEDIUM
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए: पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। बढ़ते प्रदूषण, वनों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन ने पृथ्वी के अस्तित्व को संकट में डाल दिया है। जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और प्राकृतिक आपदाओं में वृद्धि इसके प्रत्यक्ष परिणाम हैं। यदि हमने अभी से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाली पीढ़ियों को भयंकर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। वृक्षारोपण, जल संरक्षण और प्लास्टिक के उपयोग में कमी जैसे छोटे प्रयास बड़े बदलाव ला सकते हैं। गद्यांश में बताए गए पर्यावरण संरक्षण के उपायों में कौन-सा शामिल नहीं है?
Q5 · Hindi Gadyansh · HARD
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए: साहित्य समाज का दर्पण है। साहित्यकार अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज की विसंगतियों, विडंबनाओं और समस्याओं को उजागर करता है। वह समाज को नई दिशा देता है और सामाजिक चेतना जागृत करता है। महान साहित्यकार केवल मनोरंजन के लिए नहीं लिखते, बल्कि वे समाज सुधार और मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए लिखते हैं। प्रेमचंद, रवींद्रनाथ टैगोर और निराला जैसे रचनाकारों ने अपने साहित्य से समाज में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने का प्रयास किया। साहित्य केवल कला नहीं, बल्कि समाज निर्माण का एक सशक्त माध्यम है। गद्यांश के आधार पर साहित्यकार का मुख्य उद्देश्य क्या है?